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सीमा विवाद में उलझी पुलिस, लाश की हो गई ये स्थिति
रेलवे स्टेशन परिसर में बुधवार को मानवता एक बार फिर शर्मसार हो गई। सुबह एक वृद्धा का शव मंडी थाना क्षेत्र के रेलवे परिसर में मिला, लेकिन सीमा विवाद में उलझी जीआरपी और मंडी पुलिस के कारण शव करीब छह घंटे तक पड़ा रहा। जिस स्थान पर महिला मृत पड़ी मिली वह रेलवे परिसर में आता है, लेकिन जीआरपी ने यह कहते हुए.
शव उठाने से मना कर दिया की शव जहां से मिला वह इलाका उसकी सरहद में नहीं आता है। हद तो तब हो गई जब मंडी पुलिस ने जीआरपी के स्थानीय इंचार्ज आरपी नागर को उनकी सीमा क्षेत्र के दस्तावेज तक दिखाए, लेकिन उन्होंने शव उठाने से साफ मना कर दिया। करीब छह घंटे तक चले सीमा विवाद के बाद मंडी पुलिस ने शव उठवाया और पोस्टमार्टम करवाया। बाद में मंडी पुलिस ने ही शव को चबंल किनारे दफना दिया।
भिक्षावृत्ति से भरती थी पेट
मंडी पुलिस ने मृतका का नाम सुंदरीबाई बताया है। जो लोग महिला को जानते थे उन्होंने बताया कि महिला काफी समय से रेलवे स्टेशन परिसर एवं प्लेटफॉर्म पर भीख मांगकर गुजर-बसर करती थी। रात को भी महिला रेलवे परिसर में ही सोती थी। महिला के साथ एक बाबा टाइप का बुजुर्ग व्यक्ति भी अक्सर देखा गया है, लेकिन महिला की लाश मिलने के बाद वह गायब है। मामले में मर्ग कायम कर पुलिस ने जांच प्रारंभ कर दी है।
सूचना के बाद भी गंभीरता से नहीं लिया
सुबह 7 बजे लोगों ने जीआरपी को लाश की सूचना दे दी थी, लेकिन जीआरपी ने लाश को उठाना तो दूर काफी समय तक तो मौके पर आकर देखना भी मुनासिब नहीं समझा। बाद में जब सूचना पर मंडी पुलिस वहां पहुंची तो जीआरपी के चौकी प्रभारी वहां पहुंचे और घटनास्थल को देखते ही सीमा क्षेत्र में नहीं होने की बात कह कर लाश को उठाने से मना कर दिया।
6 घंटे तक पड़ी रही महिला की लाश
सीमा विवाद के चलते करीब 6 घंटे तक शव मौके पर ही पड़ा रहा। इस बीच मंडी पुलिस ने जीआरपी इंचार्ज को काफी देर तक समझाने का प्रयास भी किया। यहां तक की रेलवे की जमीन के दस्तावेज भी दिखाए लेकिन जीआरपी प्रभारी ने शव उठाने से साफ मना कर दिया। मजबूरन मंडी पुलिस को शव उठाना पड़ा।
शव उठाने से मना कर दिया था
महिला के शव की सूचना मिली थी। घटनास्थल रेलवे स्टेशन परिसर में होने के कारण मामला जीआरपी का है, लेकिन उन्होंने शव उठाने से मना कर दिया। मानवता के नाते हमने शव को जब्ती में लेकर उसको दफनाया।